स्वतंत्रता दिवस पर अधिकारी वर्ग की चापलूसी और जुगाड़ में सम्मान पाने वाले फिर सक्रिय

रायगढ़।
स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। पिछले वर्षों के समान इस वर्ष भी चापलूस कर्मचारी सम्मान पाने अधिकारियों के आगे पीछे घूमने लगे है। रायगढ जिले में अब तक जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी, कर्मचारी इस सम्मान से वंचित रहे हैं।
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के लिए इस बार भी पुरस्कार पाने की होड़ में अधिकारियों की चापलूसी शुरू कर दी गई है। वास्तव में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को आज तक यह सम्मान नहीं मिला है। राजस्व दस्तावेजों में हेराफेरी कर भू माफियाओं से सांठगांठ करने वाले पटवारियों, कार्यालयों में संलग्न शिक्षक, शिक्षिकाओं के अलावा स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ ऐसे कर्मचारी यह सम्मान प्राप्त करते रहे हैं जिनकी कोई उपलब्धियां नहीं है। हद तो तब हो जाती है जब ऐसे -अधिकारी जिन्हें कर्मचारियों के नाम की अनुशंसा करनी है वे खुद अपना नाम भेज कर स्वतंत्रता विवस के जिला स्तरीय
समारोह में मुख्य अतिथि के हाथों प्रशस्ति पत्र लेकर लौट आते हैं। ऐसे अधिकारी, कर्मचारियों के प्रति समाज में सम्मान का मातहत कर्मचारियों पर उत्कृष्टता का धौंस दिखाते हैं जबकि जिले के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ, स्वच्छता के अलावा कई क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले मैवानी कर्मचारी हैं जिन्हें यह पुरस्कार हर हाल में मिलना चाहिए लेकिन उनकी गिनती पुरस्कार प्राप्त करने योग्य कर्मचारियों में की ही नहीं जाती, क्योंकि न तो उनका कोई प्रभाव होता है और न ही पहुंच। वहीं, पहुंच और प्रभाव के दम पर उत्कृष्ट अधिकारी, कर्मचारी का सम्मान प्राप्त करने की परिपाटी बंद होनी चाहिए ताकि जमीनी स्तर पर वेहतर कार्य करने वालों का हौसला बढ़े। वे और मेहनत कर शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन कर सकें।
सम्मान के असली हकदार
मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी जो पहुंचविहीन और दूरस्थ इलाकों में आदिवासी परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रहे है।
मितानिन, एएनएम जो संस्थागत प्रसव, सुपोषण और बेहतर स्वस्थ समाज निर्माण में योगदान दे रहे है।
पिछले कुछ माह से जान जोखिम में डालकर कठिन परिस्थितियों में जंगली हाथियों की निगरानी कर जनहानि रोकने के काम में लगे हैं।
पुलिस विभाग के ऐसे जाबाज अधिकारी और कर्मचारी जो दूसरे राज्यों में जाकर शातिर अपराधी तत्वों को पकड़ने और गंभीर अपराधों का पर्दाफाश कर रहे हैं।
शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बेहतर क्रियान्वयन करने वाले कृषि, स्वास्थ, शिक्षा विभाग के मैदानी कर्मचारी।
प्रचंड मर्मी, कड़ाके की ठंड अथवा झमाझम बारिश में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में योगदान देने वाले हैंड पप मैकेनिक और हेल्पर।
इन्हें सम्मानित करने के पहले समीक्षा जरूरी
राजस्व विभाग के कर्मचारी जिन पर भू-माफिया से गांठगांठ के आरोप है।
राजस्व दस्तावेजों में कूटस्चना कर ग्रामीणों को न्यायालयों का चक्कर लगावाने वाले अधिकारी-कर्मचारी।
जिन पर कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की जवाबदारी ऐसे अधिकारी को सामान लेने से पहले आत्ममंथन करने की है जरूरत।
एसी कमरों में बैठकर सिर्फ आदेश जारी करने वाले अधिकारी नहीं हो सकते सम्मान के असली हकदार।
अधिकारियों की चापलूसी और जी हजूरी करने वालों की बाहर रखना चाहिए।
ऐसे कर्मचारियों का ही चयन जिनकी उपलब्धियां सुनकर समाज में जाए सम्मान का भाव और दूसरे कर्मचारी भी ही बेहतर काम के लिए प्रेरित।
जनचौपाल में सर्वाधिक शिकायतें जिनकी वे ही पाते है सम्मान
जनचौपाल में सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग की ही आती है। खासकर जमीन सीमांकन, नक्शा, वटांकन, फौती, नामांतरण जैसे छोटे-छोटे काम के लिए भी ग्रामीणों को भटकना पड़ता है लेकिन राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारी भी लगातार अधिकारियों की चापलूसी कर जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित होते रहे है। इसके अलावा पुलिसकर्मी एवं कुछ स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं जिनकी शिकायत भी लोग करते है। लेकिन खुले तौर पर भय के चलते वे कतराते है,ये उन सूची में सम्मिलित नजर आते रहे हैं।




