प्रेम विवाह पर बहिष्कार, ग्रामीणों ने बढ़ाया तनाव : पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा मांगी! पढ़े पूरी खबर,,,,,

विवाह के बाद सामाजिक बहिष्कार – हुक्का-पानी और खानपान पर रोक
सारंगढ़-बिलाईगढ़। तहसील सारंगढ़ के ग्राम खोखसीपाली में अर्न्तजातीय विवाह के बाद एक परिवार को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस थाना केड़ार एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कर ग्रामीणों पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

प्रार्थी मोतीराम जायसवाल (जाति कलार, ओबीसी) ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पुत्र शिव प्रसाद जायसवाल (32 वर्ष) ने अपनी इच्छा से ममता सिदार (28 वर्ष, अनुसूचित जनजाति, निवासी उरेकेल, जिला महासमुंद) से प्रेम विवाह किया है। विवाह को समाज की मान्यता भी प्राप्त हो चुकी है। बावजूद इसके, गांव के कुछ लोगों ने इसे आधार बनाकर पूरे कलार समाज को बहिष्कृत कर दिया है।

शिकायत के अनुसार, गांव के डमरू सिदार, नरेश साहू, पुरुषोत्तम साहू, आरती दास और जीवन दास ने कोटवार से मुनादी कराते हुए घोषणा कर दी कि कलार समाज से कोई भी मेलजोल नहीं रखेगा। इतना ही नहीं, यदि कोई परिवार बहिष्कृत समाज से सहयोग करेगा तो उस पर 50,000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
मोतीराम जायसवाल ने बताया कि इस फैसले के बाद गांव में खानपान, श्रम, राशन खरीद-बिक्री और सामाजिक व्यवहार पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे अस्पृश्यता और ऊंच-नीच की भावना को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है।
पीड़ित ने कहा कि स्थानीय सरपंच और पंचों पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि वे बहिष्कृत परिवार का समर्थन न करें, अन्यथा उन्हें भी पद से हटाने और जुर्माने की धमकी दी जा रही है।
मोतीराम जायसवाल ने पुलिस प्रशासन से अनावेदकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने, परित्राण और सुरक्षा देने की मांग की है।
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