
रायगढ़। सांसद निधि से निर्माणाधीन समुदायिक भवन की आपत्ति एवं घर आवागमन रास्ते के लिए मांग करना ग्रामीण को भारी पड़ गया। जिसमें सरपंच ने सामजिक बहिष्कार करते हुए हुक्का पानी बंद कर करने का मामला घरघोड़ा तहसील के रूम केरा से सामने आया है। जिसे लेकर अब बवाल मच गया है।
प्रार्थी जीवन सिंह अगरिया पितामनु राम ग्राम पंचायत रूमकेरा वार्ड क्रमांक आठ का रहने वाला है।प्रार्थी ने एसडीएम को सौंपे गए आवेदन में अवगत कराया कि सरपंच ग्राम पंचायत रूमकेरा द्वारा उसके मघर के सामने सामूदायिक भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह सामुदायिक भवन लोकसभा सांसद ने अपने न निधि से स्वीकृत किया। उक्त निर्माणाधीन सामुदायिक भवन के चलते जीवन के परिवार का घर आने -जाने वाला मार्ग अवरूद्ध हो रहा है।मानो यह का रास्ता बंद हो रहा है। वहीं, घर आने के लिए कहीं से रास्ता ना होने के कारण उसके द्वारा उक्त निर्माण पर पहले आपत्ति दर्ज कराया गया।चूंकि राजनीति से जुड़ा होने व सांसद के द्वारा निधि दिए जाने पर उसकी एक बात नही सुनी गई। ऐसे में वह वर्ष 2024 में इसके विरुद्ध हाई कोट से स्थगन आदेश ले आया। इससे उक्त गांव सरपंच द्वारा उससे एवं मेरे परिवार के प्राति दूरभावना रखा जाने लगा। वहीं, इसी दुरभावना के चलते सरपंच द्वारा उसके विरूध में थाने में पंप चोरी कि झूठी शिकायत का आवेदन दिया गया है। इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए सरपंच द्वारा 30/8/2025 को गांव में बैठक कर उसके परिवार का हुक्का पानी एवं सामाजिक बहिष्कार कर दिया। इसके अलावा गांव के किसी भी व्यक्ति द्वारा संबंध रखें जाने पर 10000 रु. का जुर्मान तक उक्त संबंधित पर लगाया जाएगा। जिसकी बकायदा मुनादी तक कराया गया।इस पूरे प्रकरण के बाद गांव का कोई भी व्यक्ति अब व्यक्तिगत तौर पर दूरी बनाते हुए बातचीत तक बंद कर दिए। जिससे वे मानसिक प्रताड़ना झेल रहे है।जीवन यापन दूभर हो गया। इन सभी वस्तु स्थिति को लेकर प्रार्थी ने उचित कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग किया है।

भवन कही और भी बन सकता है पर हठधर्मिता
आवेदन कर्ता ने बताया कि शुरुआत से वह भवन निर्माण के पक्षधर है। चुकि वह वर्षो से गांव में अपने परिवार के साथ रह रहा है। इस वजह से यह भवन बनने से उसके घर का रास्ता प्रभावित हो जाएगा। इसे लेकर ग्राम स्तर में वह कई बार आवेदन दिया , जिला कलेक्टर के पास तक न्याय की गुहार लगाया गया लेकिन नतीजा सिफर रहा है। सरपंच की हठधर्मिता से परिवार अब यातना झेल रहा है।
क्या कहते है अधिकारी
यह मामला आज ही मेरे संज्ञान में आया है। इस पूरे मामले की जांच करवाकर न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी।
दुर्गा प्रसाद अधिकारी, एसडीएम (आईएएस)




