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उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दिव्यांगता  अधिकार अवसर और आशा पुस्तिका का किए विमोचन

रायगढ़।दिव्यांगजनों के शिक्षा,रोजगार, सामाजिक व आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु उनको मिलने वाले संवैधानिक अधिकार जिसमे उपकरण, अनुदान,सब्सिडी, आरक्षण, विभिन्न सरकारी योजनाओं में छूट, समानता व स्वतंत्रता के साथ बिना भेदभाव के विभिन्न योजनाओं में सहभागिता को दृष्टिगत रखते हुए केंद्र व राज्य सरकार जो विभिन्न योजनाओं को संचालित कर रही है इन योजनाओं की जानकारी दिव्यांगजन के साथ आम लोगों को भी हो इसके लिए जनजागरूकता लाने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के 33 जिलों के एक सशक्त शिक्षक समूह द्वारा दिव्यांगता-अधिकार, अवसर और आशा नामक बुक का रचना किया गया।इस बुक निर्माण के प्रेरणा स्त्रोत,संपादक राष्ट्रपति पुरुस्कार शिक्षिका के शारदा व सहयोगी धर्मानंद गोजे ,वसुंधरा गोजे व प्रीति शांडिल्य हैं

इस पुस्तक का विमोचन राज्य स्तर पर होटल सोलिटेयर रायपुर में  उप मुख्यमंत्री अरुण साव  के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह पुस्तक दिव्यांगजनों और उनके परिवार के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा।आप सभी शिक्षक वास्तव में धन्यवाद के पात्र हैं ।जिन्होंने अपने शिक्षण कार्य के अलावा उन दिव्यांगजन के लिए सोचा जिनको सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं होती यह पुस्तक उनके लिए मार्गदर्शक का काम करेगा आप इसे अपने जिले ब्लाक व गांव तक पहुंचाएं ताकि जरूरतमंद तक इन योजनाओं की जानकारी हो सके।उन्होंने कहा कि जब भी मेरी जरूरत हो मैं हमेशा आपके साथ रहूंगा । उपमुख्यमंत्री ने पुस्तक निर्माण के लिए सभी  शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी।उन्होंने कहा दिव्यांगता अभिशाप नही है समाज मे आज ऐसे अनेक व्यक्तित्व के धनी हैं जो दिव्यांग होते हुए अच्छे संगीतज्ञ, खिलाड़ी,पेंटर व व्यवसाय के लोग हैं जो समाज के आदर्श उदाहरण हैं। अंत मे सभी शिक्षकों को सम्मानित करते हुए ऐसे और कार्यों में सभी शिक्षकों को सरकार की योजनाओं में सहयोग की बात कही।इस पुस्तक में दिव्यांगजन के समस्त जानकारी के साथ एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसमें क्यू आर कोड्स जोड़े गए हैं, जिन्हें स्कैन करने पर छात्र वीडियो सामग्री  देख सकते हैं,वीडियो न केवल पाठ्यवस्तु को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत करते हैं बल्कि यह पुस्तक दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ऑडियो फॉर्मेट में भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि वे भी समान रूप से विषयवस्तु को समझ सकें। यह संसाधन सामान्य विद्यार्थियों के साथ-साथ दिव्यांग (विशेष रूप से दृष्टिबाधित) विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।इस पुस्तक के लेखन मे मुख्य रूप से निम्न शिक्षक शिक्षकों का विशेष योग दान रहा के शारदा, धर्मानंद गोजे,प्रीति शांडिल्य, कृष्णपाल राणा, संतोष कुमार पटेल, संतोष कुमार तारक,ज्योति सराफ, रिंकल बग्गा, ममता सिंह, समीक्षा गायकवाड़, अनामिका चक्रवर्ती, अनिल कुमारअवस्थी ख़ोमन सिन्हा , चानी ऐरी बिसेलाल गायकवाड़, कालेश्वर साहू, संतोष कर्ष,, वसुंधरा  गोजे , रश्मी वर्मा शिवकुमार बंजारे श्याम सोनी देवेंद्र देवांगन , वीरेंद्र कुमार ,सईदा खान अमरदीप भोगल अनामिका चक्रवर्ती बलराम नेताम चंचला चंद्रा हिमकलयानी सिन्हा  महेंद्र चंद्रा, प्रवीण दिवाकर रजनी शर्मा , मंजू पाठक, समता सोनी लक्ष्मण बांधेकर, प्रतिभा  त्रिपाठी , ब्रजेश्वरी रावटे, सुप्रिया शर्मा,यशवंत कुमार पटेल, पोषण मार्कण्डेय।कार्यक्रम के अंत मे सभी शिक्षकों ने उपमुख्यमंत्री  अरुण साव को स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए उनके व्यस्ततम समय में पुस्तक विमोचन के लिए गरिमामयी उपस्थिति हेतु सहृदय धन्यवाद दिया। उक्ताशय की जानकारी संतोष कुमार पटेल शिक्षक बालमगोड़ा ने दी।

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