
नाले नालियों के ऊपर किए गए स्थाई निर्माण एवं अवैध कब्जा को तत्काल हटाने की चेतावनी
रायगढ़। सड़कों एवं गली-मोहल्ले में जल भराव की समस्या से निबटने के लिए रामनिवास टाकीज संचालक सहित आरओबी रेलवे ट्रैक से लेकर सुभाष चौक तक के सड़क के दोनों ओर पर नाले के ऊपर किए गए स्थाई निर्माण, अवैध कब्जा को हटाने पूर्व में 23 और आज 28 कुल 48 व्यवसायियों को नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा अतिक्रमण को तत्काल हटाने की चेतावनी नोटिस में दी गई है।

शहर में मानसून में लगातार वर्षा हो रही हैं। और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय द्वारा शहर के निचले स्तर में बसे मोहल्लों, बाढ़ ग्रसित जल भराव क्षेत्र एवं बड़े नालों से लगे गली-मोहल्ले का नियमित भ्रमण कर नलों से पानी निकासी का जायजा लिया जा रहा है। पूर्व में किए गए निरीक्षण के दौरान रामनिवास टाकीज सहित आरओबी रेलवे ट्रैक से लेकर सुभाष चौक तक नालों के व्यवसायियों द्वारा नाले के ऊपर स्थाई निर्माण करने से नाले की पूर्ण रूप से सफाई कार्य में परेशानी होने की बातें सामने आई थी। नाली के ऊपर स्थाई निर्माण एवं अतिक्रमण होने के कारण इसमें बड़ी मात्रा में गाज, मलवा एवं कचरा जमे एवं फंसे होने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है। इस कारण तेज बारिश होने पर पैठुडबरी, संजय मार्केट, आरओबी से सुभाष चौक के क्षेत्र में जल भराव होने एवं नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने की समस्या आती है। आयुक्त ने रामनिवास टॉकीज के बगल के नाले की स्थिति का जायजा उससे लगे घर की छत पर चढ़कर लिया गया था। इसपर भी नाले पर अतिक्रमण कर सकरी करने की बात सामने आई। इस दौरान जेसीबी से शराब भट्टी के पास हुए अतिक्रमण कर अवैध चखना सेंटर सहित अन्य अवैध कब्जा को हटाते हुए गंधरी अंडर ब्रिज से लगे आर पी एफ बैरक के दीवार को तोड़कर पानी निकासी अच्छी तरह से बहाल करने नाले का चौड़ीकरण कराया गया। निगम के भवन विभाग द्वारा रामनिवास टॉकीज संचालक, तुलसी होटल संचालक सहित पूर्व में 23 और आज 28 कुल 48 व्यवसायियों को नोटिस जारी किया गया। नोटिस में कहा गया है कि सार्वजनिक नाले के ऊपर अवैध रूप से भवन ढांचे निर्माण करने के कारण वर्षा जल की निकासी बाधित होने और अतिक्रमण के कारण नाली की चौड़ाई एवं गहराई प्रभावित होती है। इससे बारिश होने पर जल भराव की समस्या आती है। नाले की पानी सड़क एवं आवासीय क्षेत्र में प्रभावित होने से आमजन को असुविधा हो रही है। इसके अतिरिक्त किए गए निर्माण के कारण नाली की नियमित सफाई भी संभव नहीं हो पा रही है। यह जल भराव बाढ़ के हालत बना रहे है। यह नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 243 एवं 293 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके अंतर्गत जल निकासी मार्ग पर बिना आयुक्त की पूर्व लिखित अनुमति के कोई भी निर्माण वर्जित है। ऐसे उल्लंघन पर अधिनियम की धारा 244 एवं 307 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें नोटिस जारी होने के तीन दिनों के भीतर नाले में किए गए निर्माण से संबंधित अनुमति पत्र कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय अवधि में कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर बिना अनुमति के अवैध रूप से उक्त निर्माण माना जाएगा और अधिनियम की उपरोक्त धाराओं के अंतर्गत निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण हटाने पर हुए खर्च को भी किया जाएगा वसूल
नोटिस में स्पष्ट तौर पर निर्माण संबंधित अनुमति दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात कही गई है। दस्तावेज नहीं होने पर इसे अवैध अतिक्रमण निर्माण मानते हुए निगम द्वारा तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इसमें हुए खर्च को संबंधित व्यवसायियों से वसूल भी किया जाएगा। इस सख्ती आदेश से व्यवसायिक प्रतिष्ठान के संचालकों में हड़कंप मच गया है।




