Crime News ख़ौफ़नाक कांड: पहले खुद को दिया करंट का झटका, फिर चाकू से गर्दन रेतकर लगा लिया मौत को गले

एमएसपी के लेबर कालोनी के कमरा नंबर 41 में राजस्थान के इलेक्ट्रिशियन की खून से लथपथ लाश बरामद
Crime News रायगढ़ । चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के एमएसपी के लेबर कालोनी के कमरा नंबर 41 में राजस्थान के एक युवक की खून से लथपथ लाश मिलने से सनसनी फैल गई। दिमागी हालत ठीक नही होने से पहले इलेक्ट्रिशियन युवक ने पहले खुद को करेंट दिया, फिर चाकू से अपनी गर्दन काटते हुए मौत को गले लगा लिया। सच क्या है, इसका पर्दाफाश पोस्टमार्टम के बाद ही होगा।
चक्रधर नगर थाना प्रभारी अमित शुक्ला को आज सुबह भनक लगी कि जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर ओड़िशा बार्डर से लगे जामगांव स्थित एमएसपी प्लांट के लेबर कालोनी के कमरा नंबर 41 में राजस्थान के जयपुर जिलान्तर्गत हरसोली निवासी दिलीप सिंह शेखावत पिता भगत सिंह (33 वर्ष) का गला सन्दिग्ध परिस्थितियों में कटा है और वह रक्तरंजित हालत में बेसुध पड़ा है।
पुलिस टीम जब घटना स्थल पहुंची तो प्रथमदृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन जब मृतक के रूम पार्टनर और आसपास के लोगों से बातचीत की तो कुछ और ही मामला सामने आया। जिसमें मृतक को करीब से जानने वाले कामगारों की माने तो 3 साल पहले राजस्थान से जामगांव आने वाला दिलीप एमएसपी में ठेकेदार नीरज सिंह के मातहत इलेक्ट्रिशियन का काम करते हुए कंपनी के लेबर कालोनी के कमरा नंबर 41 में बैचलर रूम पार्टनर के साथ रहता था। बताया जाता है कि दिलीप की शादी नहीं हुई थी। पिछले कुछ रोज से उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी और वह अजीबोगरीब हरकते किया करता था।
एमएसपी के लेबर कालोनी के रूम नंबर 41 में दिलीप सिंह की लाश जिस हालत में बरामद हुई, उसे देख पुलिस को आशंका है कि उसने पहले खुद को करंट का झटका दिया। करंट से दिलीप की जान नहीं गई और वह मौत की दहलीज से लौट आया तो सिरफिरे ने धारदार चाकू से अपनी गर्दन रेंतते हुए खुदकुशी कर ली। चूंकि, बीती मंगलवार रात 12 से बुधवार तड़के 6 बजे तक दिलीप का रूम पार्टनर नहीं था, इसलिए आशंका यह भी है कि उसने आधी रात को ही आत्महत्या की होगी। इधर, दिलीप की मौत की खबर राजस्थान में उसके रिश्तेदारों को दी जा चुकी है। शेखावत परिवार के रायगढ़ आने के बाद गुरुवार को जिला चिकित्सालय में मृतक का पोस्टमार्टम होगा। फिलहाल, चक्रधर नगर पुलिस मर्ग कायम कर जांच पड़ताल में जुटी है।


