घोघरा नाले में फंसा पांच वर्षीय मासूम, डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद युवाओं ने बचाई जान

प्रशासन रहा नदारद, स्थानीयों ने उठाई स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग
सारंगढ़। बीते दिन सारंगढ़ जिला मुख्यालय के राजापारा मोहल्ले में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब खेलते-खेलते एक पांच वर्षीय बालक घोघरा नाले के तेज बहाव में फंस गया। करीब डेढ़ घंटे तक बच्चा पेड़ की डगाल पकड़कर अपनी जान बचाए रहा। इस दौरान प्रशासनिक सहायता नहीं मिलने के बावजूद मोहल्ले के जागरूक युवाओं ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्चे की जान बचा ली।

स्थानीय युवाओं ने दिखाई बहादुरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चा खेलते हुए नाले की ओर चला गया और फिसलकर तेज बहाव में जा फंसा। उसकी चीख-पुकार सुनकर मोहल्लेवासियों ने शोर मचाया, लेकिन शुरूआत में कोई मदद नहीं पहुंच सकी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मोहल्ले के कुछ युवाओं ने बिना समय गंवाए अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और मासूम को सकुशल बाहर निकाल लिया।

प्रशासनिक लापरवाही पर नाराज़गी
इस पूरे घटनाक्रम में न तो पुलिस और न ही आपदा प्रबंधन की कोई भूमिका सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराज़गी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे संवेदनशील इलाकों में पहले से सतर्क रहना चाहिए।
हर साल होता है खतरा, मांग रहे स्थायी समाधान
स्थानीय निवासियों ने बताया कि घोघरा नाला हर वर्ष बारिश के दौरान खतरे की स्थिति में पहुंच जाता है। इसके बावजूद नाले के पास चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
बच्चा अब सुरक्षित
फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं लोगों ने बहादुर युवाओं की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।



