अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी: जमीन विवाद में गोद लिए बेटे ने साथियों संग की वृद्धा की हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार

सारंगढ़।सरसीवां थाना पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जमीन विवाद के चलते मृतिका के ही गोद लिए कलयुगी पुत्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर वृद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
मामले की मुख्य आरोपी भजनलाल कठौतिया ने अपनी पत्नी नोनीबाई के साथ मिलकर गांव के युवक राजा कुर्रे को 40 हजार रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। राजा ने अपने दोस्त सावनदास मानिकपुरी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। हत्या प्लास्टिक बोरी के धागे से बनी गेरवा रस्सी से गला घोंटकर की गई थी। घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की गई थी।
मृतिका मंझलीबाई (उम्र 80 वर्ष), निवासी पण्ड्रीपाली, 15 जुलाई की रात अपने कमरे में सोई थी। अगली सुबह जब वह बाहर नहीं निकली तो ग्रामीणों ने दरवाजा खोलकर देखा, जहां वह मृत अवस्था में मिली। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या प्रतीत होने पर सरसीवां थाना में मर्ग क्रमांक 43/25 धारा 194 BNSS के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पीएम रिपोर्ट व गवाहों के बयान से मामला संदिग्ध पाया गया। बाद में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 223/2025 धारा 103(1), 238 बीएनएस दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस अधीक्षक अंजनेय वार्ष्नेय के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पांडे व एसडीओपी बिलाईगढ़ विजय ठाकुर के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक वीणा यादव के नेतृत्व में चारों आरोपियों – भजनलाल कठौतिया (48), नोनीबाई कठौतिया (45), राजा कुर्रे (20) एवं सावनदास मानिकपुरी (24), सभी निवासी पण्ड्रीपाली – को तलब कर पूछताछ की गई।
प्रारंभ में सभी ने अनभिज्ञता जताई, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर भजनलाल ने हत्या की योजना स्वीकार कर ली। उसने बताया कि मृतिका अक्सर उसके खिलाफ शिकायत करती थी जिससे वह व उसका परिवार परेशान थे। इसी कारण उसने पत्नी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर मंझलीबाई की हत्या की साजिश रची।
हत्या के बाद दरवाजा अंदर से बंद कर खिड़की से भाग गए और मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा जुटाए गए पर्याप्त सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
प्रकरण की संपूर्ण कार्रवाई में निरीक्षक वीणा यादव, सहायक उपनिरीक्षक नंदराम साहू, प्रधान आरक्षक अनिरुद्ध बैरागी, गजानंद स्वर्णकार, रतनलाल स्वाई, रोहित लहरे, ओमप्रकाश साहू, आरक्षक मुनी अनंत, प्रकाश भारद्वाज, राजकुमार खुंटे, कामता कर्ष तथा समस्त थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही।




