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महिला आरक्षक के बाद हवलदार ने मांगी 1 लाख रुपये की रिश्वत,भाजपा नेता किया मामला उजागर

Demand for bribe of Rs 1 lakh। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला अंतर्गत

थाना लैलूंगा इन दिनों लगातार विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से सुर्खियों में है। दो दिन पहले ही महिला आरक्षक का रिश्वत लेते वीडियो प्रसारित होने के बाद रायगढ़ एसपी ने संज्ञान लेते हुए लाइन अटैच कर दिया था। लेकिन अब एक और चौकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने थाना व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। दरअसल शराब पकड़कर छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की मांग विक्रम चौरसिया द्वारा किये जाने का आरोप सामने आया है। 

थाना लैलूंगा के प्रधान आरक्षक विक्रम चौरसिया बेच क्रमांक 537 पर पदस्थ है। बताया जा रहा है कि संबंधित हवलदार द्वारा शराब की कार्रवाई की गई थी। जिसके एवज में छोड़ने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की गई। ऐसे में जिला उपाध्यक्ष दीपक सिदार अपने  थबिरो यादव, उमेश दादरिवाल,नरेश नायक,प्रांजल कौशिक पूरी टीम स्वयं थाना में शिकायत लेकर पहुंचे और खुलासा किया कि विक्रम चौरसिया ने शराब पकड़कर छोड़ने के एवज में सीधे 1 लाख की रिश्वत की मांग कर डाली। इस सनसनीखेज मामले की जानकारी उन्होंने न केवल पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई, बल्कि स्थानीय पत्रकारों को बुलाकर खुलेआम पर्दाफाश भी किया। दीपक सिदार ने बताया कि थाना व्यवस्था अब जनता की सुरक्षा के बजाय खुद जनता को लूटने का अड्डा बन चुकी है। उनके अनुसार, प्रधान आरक्षक खुलेआम शराब कारोबारियों से लेनदेन कर रहे हैं और जब कोई विरोध करता है तो उसे फंसाने की धमकी दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लैलूंगा थाना अब अपराध रोकने के बजाय अपराध को बढ़ावा देने में भूमिका निभा रहा है। इस पूरे मामले की शिकायत रायगढ़ के  एसपी  से की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार ऐसे मामलों ने थाना की साख को पूरी तरह दागदार बना दिया है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्षेत्र में बड़ा जनआक्रोश देखने को मिल सकता है। फिलहाल भाजपा नेता के  द्वारा रिश्वत खोरी को उजागर किए जाने पर जिला पुलिस क्या कार्रवाई करती है इस पर सबकी नजर है।

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