
घरघोड़ा ।
आदिवासी बाहुल्य जिले में आज भी जनजातिय समुदाय अपने तीज त्यौहार को परंपरागत तरीके से मानते है।इसमें कर्मा तिहार भी शामिल हैं।आदिवासी समाज सदा से प्रकृति को ही पूजता आया है व उसे अपने संरक्षक के रूप में देखता है। प्राकृतिक रूप से मनाए जाने वाले कर्मा तिहार पर्व को घरघोड़ा झाप पारा में 3 सितंबर को मनाया जाएगा।इस आयोजन की रूपरेखा कंवर समाज ने सराई पान के पत्ते में आकर्षक तरीके से बनाकर रायगढ़ लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया व विधायक लालजीत राठिया को आमंत्रित किया गया।
गौरतलब है कि भादों एकादशी के दिन करम डारा का पर्व जनजातीय समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला विशेष पर्व है ।जहां मोहल्ले या स्थान विशेष पर मड़वा के नीचे करम वृक्ष की स्थापना कर सामूहिक रूप से उपवास रहकर एकत्र होकर करम भगवान की पूजा कर अच्छी फसल,स्वास्थ्य की विशेष कामना की जाती है साथ ही प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों पर वचनबद्ध होकर प्रकृति संरक्षण कार्य हेतु आग्रह एवं जागरूक किया जाता है,यह पर् सामाजिक सद्भाव,एकता एवं जागरूकता का प्रतीक भी है। रात्रि में सामूहिक नृत्य कर करम भगवान की रात भर सेवा करते हैं और मंगल कामना करते हैं और सुबह ससम्मान विसर्जन किया जाता है। इस आमंत्रण अवसर पर कंवर समाज के वरिष्ठ नागरिक गंगा पैकरा जनक पैकरा संतोष पैकरा व पूर्व पार्षद नीरज शर्मा उपस्थित रहे।





