डॉ. आंबेडकर की जन्मभूमि महू में राजकुमार जांगड़े ने जन्मदिन पर किया नमन, आंदोलन को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

महू संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मभूमि महू में सोमवार को भीम आर्मी छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार जांगड़े ने अपने 39वें जन्मदिन पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. आंबेडकर की माता भीमाबाई एवं पिता सूबेदार रामजी सकपाल के चरणों में नमन कर आंदोलन को जीवन पर्यंत आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

राजकुमार जांगड़े का जन्म 30 जुलाई 1986 को छत्तीसगढ़ राज्य के बरभाठा (अ) ग्राम में हुआ था। बचपन में ही माता बोटबाई एवं पिता सहदेव जी से ‘जय भीम’ कहना सीखने वाले जांगड़े ने डॉ. आंबेडकर के “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” के मंत्र को अपने जीवन में उतार लिया। सामाजिक कार्यों की शुरुआत महज 15 वर्ष की उम्र में की और आज 24 वर्षों से लगातार सामाजिक सरोकारों के लिए संघर्षरत हैं।
प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले भी वे छत्तीसगढ़ में भीम सैनिक के रूप में कार्यरत रहे। 2011-12 से उन्होंने गांवों में स्कूल, बिजली ट्रांसफार्मर, सड़कों की व्यवस्था एवं वृद्धजनों को पेंशन दिलवाने के लिए संवैधानिक लड़ाई लड़ी। उनका जन्मदिन विकलांग बच्चों के साथ मनाने की परंपरा रही है, जिसे उन्होंने सारंगढ़, बलौदाबाजार, एवं रायपुर के माना स्थित छात्रावास में निभाया।
राजकुमार जांगड़े ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने अपने जीवन में बहुजन समाज के लिए जो त्याग और संघर्ष किया, उसे आगे बढ़ाना ही उनका ध्येय है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने भारतीय संतों-गुरुओं एवं महापुरुषों के सपनों को साकार करने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। वे खुद पर हो रहे अत्याचारों को सहते रहे लेकिन समाज को शिक्षित, जागरूक और संगठित करने का अभियान जारी रखा।
महू पहुंचकर जांगड़े ने बाबा साहेब के जन्म स्थल की मिट्टी को नमन किया और कहा कि जीवन के अंतिम सांस तक आंबेडकरवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने का कार्य करता रहूंगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश भीम आर्मी प्रदेश एवं इंदौर जिला टीम के सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से 39 किलो का केक काटकर उनका जन्मदिन मनाया




